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बंगाल का शेर भी इस लड़की के सामने हुआ क्लीन बोल्ड

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  हाल ही में पुूरा देश भारतीय टीम के दिग्गज  खिलाड़ी और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी काै जन्मदिन मना रहा था, वहीं आज भारतीय क्रिकेट के एक और पूर्व कप्तान का जन्मदिन है। आज यानी 8 जुलाई को है कोलकाता के प्रिंस के नाम से मशहूर सौरव गांगुली उर्फ दादा का 48वां जन्मदिन है। सौरव का जन्म 8 जुलाई 1972 को कोलकाता में हुआ था और उन्हें आज के दौर के सबसे सफल कप्तानों में से एक माना जाता है। सौरव गांगुली ने अपने करियर के करीब 15 साल भारतीय क्रिकेट को दिए है।

 

 

दादा के करियर के कुछ शानदार रिकार्ड्स 

आपको बता दें कि सौरव गांगुली की कप्तानी में 1999 से 2005 के बीच भारत ने 146 वनडे मैच खेले थे, जिसमें से 76 में भारतीय टीम को जीत हासिल हुई थी और 65 मैचों में हार का मुंह देखना पड़ा था, जबकि 5 मैचों के नतीजे ही नहीं आए। इस दौरान भारत ने कुल 49 टेस्ट मैच भी खेले जिसमें से 21 में भारतीय टीम को जीत हासिल हुई और 13 में हार का सामना करना पड़ा, जबकि 15 मैच ड्रॉ रहे थे। सौरव गांगुली ही वो कप्तान है जिन्होंने अपनी कप्तानी में 20 से ज़्यादा टेस्ट मैच की ट्रॉफी भारत के नाम कराई और ऐसा करने वाले वह टीम इंडिया के पहले कप्तान है। सौरव की कप्तानी में भारत ने कम से कम 21 टेस्ट मैच जीते है।

अब तक भारतीय टीम सबसे ज्यादा 27 मैच पूर्व कप्तान एम एस धोनी की कप्तानी में जीत चुकी है। दादा और क्रिकेट के भगवन कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के नाम 176 वनडे पारियों में 8227 रनों की साझेदारी का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। अगर भारत से बाहर जाकर शतक जड़ने की बात की जाए तो दादा सिर्फ सचिन तेंदुलकर से ही पीछे हैं यानी की दूसरे स्थान पर विराजमान है। दादा ने भारत के बहार कुल 18 शतक जड़े हैं, जबकि उनसे आगे एक मात्र खिलाड़ी सचिन ने 29 शतक अपने नाम किए हैं। वनडे मैचों की बात करे तो दादा ने 190 छक्के जड़े हैं और ऐसा करके वह सबसे ज्यादा छक्के मारने वाले खिलाड़ियों की सूची में छठे नंबर पर पहुंच गए हैं।

किसी फिल्म की लव स्टोरी से कम नहीं है दादा की लव स्टोरी 

अब हम बात करते हैं सौरव और उनकी पत्नी डोना रॉय की लव स्टोरी की तो दादा और डोना का परिवार कोलकाता के बेहाला में पड़ोसी था। इतना ही नहीं एक समय ऐसा भी था जब दोनों परिवार आपस में बिजनेस पार्टनरस भी रह चुके हैं। लेकिन किसी बात की वजह से दोनों परिवारों में तकरार हो गई और रिश्तों में दरार आ गई। दोनों के घर की बाउंड्री एक ही थी पर बातचीत पूरी तरह से बंद हो गई थी। लकिन दादा और डोना इन सब बातों से बेपरवाह थे और दोनों की दोस्ती बचपन में ही हो गई थी और समय के साथ धीरे-धीरे आपस में गहरे दोस्त भी बनते चले गए थे।

बचपन में सौरव गांगुली सेंट जेवियर स्कूल में पढ़ा करते थे वहीं डोना लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ती थीं। दोनों घर पर आपस में मिल नहीं सकते थे इसलिए कहीं दूर जाकर मिलते थे। दोनों के स्कूल काफी दूर थे इसलिए ‘दादा’ अपने स्कूटर से डोना के स्कूल चले जाया करते थे और उनसे वहीं मुलाकात करते थे। वैसे तो दोनों के ना मिल पाने के कई वजह थी, लकिन दो बड़ी वजह थी, जो उन्हें आपस में मिलने से बार-बार रोकती थी। पहली वजह ये थी कि सौरव ब्राह्मण परिवार से थे जबकि डोना का परिवार ब्राह्मण नहीं था। दूसरी वजह ये थी कि, गांगुली के परिवार को डोना का डांसर होना बिल्कुल भी नहीं भाता था। इन मुश्किलों के बाद भी इन दोनों के बीच रोमांस जारी रहा और दोनों एक-दूसरे के प्रोफेशन का सम्मान भी करते रहे। गांगुली किसी तरह चोरी-छिपे डोना का डांस देखने जाया करते थे, वहीं दूसरी ओर वह भी उनका खेल देखने स्टेडियम जाती थीं।

समाज से छुपते-छुपते दोनों बड़े हुए और अपने-अपने क्षेत्रों में कामयाबी हासिल करने के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया, लेकिन जैसा ज्यादातर लव स्टोरी में घर वालों को मनाना एक सबसे बड़ी चुनौती होती है उसी तरह उन्हें भी घर से इजाजत नहीं मिली थी। जब सौरव के घर यह बात पहुंची तो उनके घर वालों ने किसी भी गैर-ब्राह्मण लड़की से शादी करने के लिए मना कर दिया था। दूसरी तरफ डोना का परिवार भी इस रिश्ते को मानने से इंकार कर चुका था। इसके बाद ही सौरव को मैच खेलने के लिए इंग्लैंड से बुलावा आ गया। अपने करियर की शानदार शुरुआत करने के बाद सौरव भारत वापस लौटे।

सौरव के दोस्त बनर्जी किसी तरह रजिस्ट्रार श्याम सुंदर गुप्ता को मना कर घर लेकर आए और सारी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों ने शादी दोस्त के घर पर ही पूरी कर ली गई थी। उनकी  शादी 12 अगस्त, 1996 को हुई। शादी के समय दादा की उम्र 23 साल थी और डोना 20 साल की थीं। दोनों का परिवार इस समय तक शादी से अंजान था। जब यह बात दोनों के घर वालों को पता चली तो  दोनों के घरवाले उन दोनों से काफी नाराज हो गए थे लेकिन शादी हो चुकी थी और अब कुछ भी नहीं हो सकता था। आखिरकार दोनों परिवारों को अपने बच्चों की जिद को मानना पड़ा।

21 फरवरी, 1997 को दोनों परिवारों ने सौरव और डोना की फिरसे शादी करवाई। पहली बार गुप छुप तरीके से शादी करने के बाद इस बार की शादी बेहद भव्य तरीके से दोनों परिवारों द्वारा करवाई गई। दोनों की शादी के अब 19 साल हो चुके हैं और उनकी एक 17 साल की बेटी सना भी है। ये थी दादा की एक प्यारी सी प्रेम कहानी जो काफी मुश्किलों से भरी थी लेकिन कहते है कि अगर प्यार हो तो सभी मुश्किलों का सामना हो ही जाता है।

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