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…आखिर भारत-पाक क्रिकेट मैचों पर ही क्यों गिरती है आतंकी हमलों की गाज

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क्रिकेट में बात जब भारत और पाकिस्तान के मैच की आती है तो और सारे मुकाबले फीके पड़ जाते हैं। भारत-पाक का मैच दुनिया के किसी भी कोने में क्यों ना हो फैंस अपनी टीम को चियर करने पहुंच ही जाते है। पिछले कुछ समय से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव बरकरार है और उरी हमले के बाद तो ये तनाव अपनी सारी सीमाओं को लांघ गया है। जब-जब भारत पाक के रिश्ते बिगड़े हैं उसका बुरा असर भारत पाक क्रिकेट पर पड़ा है, मौजूदा समय में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है जिससे कई तरह के सवाल उठने लाजमी हैं।

आखिर क्रिकेट को ही क्यों किया जाता है टारगेट

हाल ही में बीसीसीआई प्रमुख अनुराग ठाकुर ने साफ कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता रहेगा तब तक उसके साथ क्रिकेट खेलने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता। अनुराग ठाकुर ने भले ही निकट भविष्य में पाकिस्तान के साथ खेलने से फिल्हाल इनकार कर दिया हो लेकिन सवाल ये उठता है कि बार-बार क्रिकेट को ही निशाना क्यो बनाया जाता है।

 

1999 का कारगिल युद्ध हो या मुंबई का 26/11 हमला हर बार इसकी बली भारत-पाक क्रिकेट को बंद करके ही ली गई है। मगर आज सबसे बड़ा मुद्दा ये है कि भारत सरकार ने अभी तक क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों में पाकिस्तान के साथ खेलने पर बैन क्यों नहीं लगाया है। उदाहरण के तौर पर 20 अक्टूबर से मलेशिया में चैंपियंस ट्रॉफी शुरू हो रही है जिसमें भारत-पाक का हॉकी मुकाबला होना है जिससे सरकार के किसी नुमाइंदे का दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 2007 के बाद से कोई टेस्ट सीरीज नहीं हुई है। जबकि इसी दौरान भारत ने टेनिस, कबड्डी ,हॉकी फुटबॉल में पाकिस्तान के साथ खेलने में भारत सरकार को कोई परेशानी नहीं हुई।

PCB भी उठा चुका है कई बार मुद्दा

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत-पाक क्रिकेट को बंद किए जाने पर कई बार भारत सरकार के फैसले का कड़ा विरोध किया है। बीसीसीआई के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के ताजा बयान को छोड़ दे तो हर बार बीसीसीआई ने पाकिस्तान से मैच खेलने का निर्णय सरकार पर ही छोड़ दिया, वही दूसरी तरह पाकिस्तान ने हमेशा की भारत के साथ क्रिकेट सीरीज खेलने में अपनी दिलचस्पी दिखाई है। पीसीबी प्रमुख शरियार खान कई बार भारत-पाक क्रिकेट सीरीज को लेकर अपनी दिलचस्पी दिखा चुके हैं।

पाक के साथ हर खेल खेलने पर लगे बैन

अगर सरकार पाकिस्तान को कड़ा संदेश देना चाहती है तो उसे चाहिए कि वो भारत-पाक क्रिकेट के साथ –साथ पाकिस्तान के साथ हर उस खेल को खेलने पर रोक लगा दे जो भारत वर्तमान में पाकिस्तान के साथ खेल रहा है। लेकिन सरकार ऐसा निर्णय कब लेगी ये अभी भी सवाल बना हुआ है।

क्यो बॉलीवुड कलाकारों पर मेहरबान है सरकार ?

खेल और कला को राजनीति से हमेशा ही अगल रखा जाना चाहिए ऐसा इन दोनों क्षेत्रों से जुड़े लोगों का मानना है। लेकिन जब सरकार भारत-पाक क्रिकेट को बंद करने का निर्णय फौरन ले लेती है तो फिर सरकार ने पाकिस्तानी कलाकारों का अब तक विरोध क्यो नहीं किया। ये बात किसी से नहीं छुपी है कि आज कई पाकिस्तानी कलाकार बॉलीवुड की छत्र छाया में काफी नाम कमा रहे हैं, एमएनएस, शिवसेना और कई हिन्दू संगठनों ने इसका विरोध भी किया है।

पाक के साथ क्रिकेट ना होने से वो भारतीय क्रिकेट फैन्स काफी निराश हैं जो हमेशा ही भारत को पाक के खिलाफ खेलते हुए देखना चाहते हैं, फैन्स की मायूसी तब और भी ज्यादा बढ़ जाती है जब वो भारत और पाकिस्तान को दूसरे खेलों में तो साथ-साथ खेलते हुए देखते हैं पर क्रिकेट में नहीं। उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस दिशा में उरी हमले के बाद अपने पहले लिए गए फैसलों पर विचार करेगी।

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