5वें वनडे में इतिहास रचने के लिए उतरेगी टीम इंडिया, लेकिन सता रहे हैं ये बड़े सवाल

by Taranjeet Sikka Posted on 0 comments
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पिछले मैच में हार का सामना करने वाली टीम इंडिया कल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले 5वें वनडे में जीत दर्ज कर पहली वनडे सीरीज अपने नाम कर इतिहास बनाने की कोशिश करेगी। इस 6 मैचों की वनडे सीरीज में टीम इंडिया फिलहाल 3-1 से आगे चल रही है। और वो चाहेगी कि इस बढ़त का फायदा उठाये। टीम ने डरबन में पहला मैच 6 विकेट से वहीं दूसरा मैच नौ विकेट से और तीसरा मैच 124 रनों से जीता था। लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने बारिश से प्रभावित चौथे वनडे को पांच विकेट से जीता था।

दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी लाइन अप और भारत के कलाई के स्पिनरों के बीच अब भी मुकाबला खास रहने वाला है। जोहानिसबर्ग में हालांकि बारिश के कारण हुई दो बार की बाधा ने भारत की बल्लेबाजी और गेंदबाजी में लय बिगाड़ दी है। लेकिन सबसे अहम बात ये रही कि बारिश के कारण लक्ष्य में संशोधन किया गया और एबी डिविलियर्स के जल्दी पवेलियन लौटने के बावजूद मेजबानों को इसे हासिल करने में जरा भी परेशानी नहीं हुई। ये मैच टी20 की तरह खेला गया और इसमें डेविड मिलर और हेनरिक क्लासन ने भारत के स्पिनरों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी कर मैच हाथ से छीन लिया।

निश्चित रूप से भारत को कैच छोड़ने के अलावा मिलर को नो बॉल फेंकना भी भारी पड़ा। लेकिन इससे ये साबित नहीं होता कि दक्षिण अफ्रीका ने युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव की कलाई की स्पिन का सामना करना सीख लिया है। इसके साथ ही भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमरा का अच्छी तरह से इस्तेमाल नहीं किया गया क्योंकि विराट कोहली ने स्पिनरों पर ही ज्यादा भरोसा दिखाया जबकि वो दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों की आक्रामकता को रोकने में असफल रहे थे।

इसे देखते हुए पोर्ट एलिजाबेथ में भारतीय टीम का चयन काफी अहम किरदार निभाएगा। केदार जाधव की फिटनेस पर अभी सवाल बना हुआ है। जिन्हें केप टाउन में हैमस्ट्रिंग चोट लगी थी और वो पिछला मैच भी नहीं खेल सके थे। उनकी अनुपस्थिति में भारत एक भरोसेमंद गेंदबाजी विकल्प गंवा देगा। जाधव में धीमी स्पिन गेंदबाजी करने की काबिलियत है और वो इसे परिस्थितियों के अनुकूल ढाल लेते हैं जिससे वो चहल और यादव के साथ अच्छी तरह घुलमिल जाते हैं। उनकी अनुपस्थिति में भारत के पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं। वहीं रोहित शर्मा ने वनडे में अंतिम बार जनवरी 2016 में पर्थ में गेंदबाजी की थी।

श्रेयस अय्यर ने अपनी लेग ब्रेक का अभ्यास किया था उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ सिर्फ एक ही ओवर डाला था। लेकिन इनमें से कोई भी जाधव जैसा भरोसेमंद विकल्प मुहैया नहीं कराता। कोहली भी एक अन्य दावेदार हैं लेकिन वो सीम-अप से गेंदबाजी करते हैं। मध्यक्रम में भले ही समस्या हो लेकिन टीम को जाधव की बल्लेबाजी की जगह उनकी गेंदबाजी की काफी कमी खलेगी जिससे संकेत मिलता है कि भारतीय टीम का संतुलन अब भी सर्वश्रेष्ठ नहीं है। अजिंक्य रहाणे ने चौथे नंबर पर वापसी करते हुए 79 रन की पारी के बाद 11 और आठ रन बनाये हैं। हार्दिक पंड्या का बल्ले से दौरा काफी खराब रहा है। उन्होंने पिछली दो पारियों में 14 और नौ रन बनाये हैं। सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी ने ही मध्यक्रम में 43 गेंद में नाबाद 42 रन बनाये जिससे टीम जोहानिसबर्ग में जूझती रही।

हालांकि सीरीज का स्कोर इस पहलू को पूरी तरह छुपा लेता है। रोहित शर्मा की खराब फार्म के बावजूद भारत का शीर्ष बल्लेबाजी क्रम मजबूत है। रोहित ने पहले चार वनडे में 40 रन बनाये हैं और 12 मैचों में उनका वनडे औसत महज 11.45 का है। तो वहीं कोहली ने 393 और शिखर धवन ने 271 बनाए है।