Press "Enter" to skip to content

तो इस वजह से कोच पद से चूक गए सहवाग!

Spread the love

टीम इंडिया के कोच की रेस में बल्लेबाज और आईपीएल में किंग्स XI पंजाब के मेंटर वीरेंदर सहवाग भी काफी चर्चा में थे। खबरों की मानें तो वीरू को भी कोहली का समर्थन था, लेकिन आखिर में बाजी रवि शास्त्री ने मार ली। चैंपियंस ट्रोफी के वक्त विराट कोहली और टीम इंडिया के खिलाड़ी अचानक अनिल कुंबले के खिलाफ हो गए थे। हालांकि, कैप्टन और टीम इंडिया को बाकी किसी भी सदस्य को आवेदन करने वाले किसी भी कैंडिडेट से परेशानी नहीं थी। टीम इंडिया ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह क्रिकेट अडवाइजरी कमिटी के निर्णय में दखल नहीं देगी।

सीएसी द्वारा टीम इंडिया के कोच के लिए हाल ही में लिए गए इंटरव्यू के बाद यह बात सामने आई थी कि वीरेंदर सहवाग को भी कोहली का समर्थन हासिल था। वीरू उन 5 कैंडिडेट्स में शुमार थे, जिन्होंने टीम इंडिया के कोच पद के लिए इंटरव्यू दिया था। वीरू का प्रेजेंटेशन रवि शास्त्री और टॉम मूडी के बाद सबसे अच्छा था। सहवाग ने इंटरव्यू से पहले कोच की भूमिका के लिए जमकर मेहनत भी की थी। सहवाग ने टीम इंडिया के साथ काफी ग्राउंडवर्क भी किया था।

किंग्स XI पंजाब के मेंटर बनने के बाद वीरू में भरपूर कॉन्फिडेंस था कि इस स्थान पर टीम इंडिया के लिए बेहतर रिजल्ट लाने में सकारात्मक भूमिका निभाएंगे। सूत्रों से पता चला है कि वीरू में यह कॉन्फिडेंस बीसीसीआई के एक अधिकारी द्वारा उन्हें कोच पद के लिए अप्लाई करने की सलाह देने के बाद आया था। अधिकारी ने सहवाग को कहा था कि यदि वह खुद को कोच पद के लिए उपयुक्त मानते हैं, तो वह तैयारी करें और अप्लाई करें।

अधिकारी की मंजूरी मिलने के बाद अप्लाई करने से पहले वीरू ने कैप्टन कोहली से मिलना बेहतर समझा। कोहली ने भी सहवाग को अपनाई करने की सलाह दी। साथ ही कोहली ने ये भी कहा कि भारतीय क्रिकेट में आपका योगदान काफी ज्यादा रहा है। इस बात से कोई दिक्कत नहीं है अगर आप कोच बनने के लिए अप्लाई कर रहे हैं।

कोहली ने कहा कि टीम के साथ मौजूद सपोर्ट स्टाफ को अब काम करते कुछ वक्त हो गया है। असल बात तो यह है कि इनमें से कई ऐसे हैं, जो हर टीम मेंबर की अलग-अलग जरूरतों को समझते हैं।

इसी वजह से शास्त्री कोच की होड़ में आगे निकलने में कामयाब रहे। वह कप्तान और टीम की जरूरतों को लेकर और विस्तृत अप्रोच अपनाने को तैयार थे। सूत्रों के मुताबिक, शास्त्री के फेवर में यह बात भी गई कि वह टीम के साथ बीते 3 साल से काम कर रहे वर्तमान स्टाफ मेंबर के कामकाज के तौर-तरीकों की अहमियत को समझते हैं।

More from SportsMore posts in Sports »

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.