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उन्नाव के बाद कठुआ में हुई 8 साल की आसिफा के साथ दरिंदगी, सड़कों पर लोगों का प्रदर्शन

उन्नाव का रेप केस इतना ज्यादा सुर्खियों में छाया हुआ है उसके बाद भी देशभर में बलात्कार की वारदात थमने का नाम नहीं ले रही है। उन्नाव के बाद अब जम्मू के कठुआ से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 8 साल की मासूम आसिफा के साथ गैंग रेप कर उसकी हत्या कर दी गई। आसिफा का मामला सामने आते ही इस पर प्रदर्शन और राजनीति भी काफी तेज हो गई है। वहीं आसिफा का परिवार डर के चलते अपना गांव छोड़ भाग गया है। कहा जा रहा है कि बार असोसिएशन द्वारा जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच प्रक्रिया में सवाल उठाते हुए विरोध-प्रदर्शन और हड़ताल के चलते बच्ची का परिवार काफी दहशत में था।

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो, आसिफा के पिता मुहम्मद यूसुफ पुरवाला अपनी पत्नी, दो बच्चे और पशुओं को लेकर किसी अनजान जगह पर चले गए हैं। इससे पहले भी यह खबर थी कि परिवार अगले महीने कश्मीर छोड़ने के विचार में है। इस गैंगरेप का मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड 60 साल का सांझी राम बताया जा रहा है। वहीं इनमें से कुछ आरोपियों के हिंदू एकता मंच से जुड़े होने की भी बात सामने आई हैं।

आपको बता दें कि सांझी राम वह शख्स है जिसने मासूम आसिफा के साथ यह पूरा हैवानियत का खेल रचा था। वह राजस्व विभाग का पूर्व अधिकारी भी है। सांझी राम ने ही आसिफा का अपहरण कर उसे मंदिर में बंधक बनाए रखा और उसके साथ कुकर्म किया था।

12 जनवरी को विशाल जंगोत्रा कठुआ के रासना गांव पहुंचा था जिसके बाद आरोपी मंदिर गया जहां भूखे पेट बंधक लड़की को नशे की दवाई दी गई थी और रेप किया गया था। चार्जशीट के मुताबिक विशाल मीरापुर के एक कॉलेज में एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहा है। विशाल के अलावा रसाना गांव के रहने वाले परवेश कुमार को भी गैंगरेप की साजिश रचने के मामले में अरेस्ट किया गया है।

प्रदर्शनकारियों ने उठाई वकीलों की गिरफ्तार करने की मांग

सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने इस पूरे अपराध के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसमें श्रीनगर के प्रताप पार्क पर स्टूडेंट, युवक और स्थानीय लोग इकट्ठा हुए हैं। इस विरोध का नेतृत्व करते हुए जेएनयू छात्र संघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला राशिद ने कहा कि, यह निर्दयी प्रयासों के साथ मामले को सांप्रदायिक मोड़ देने के खिलाफ एक प्रदर्शन है और बीजेपी के लिए एक चेतावनी है। उन्होंने कहा, ‘जम्मू कश्मीर से गंदी राजनीति को दूर करो। हम यहां एक और गुजरात नहीं बनने देंगे। क्या इन तथाकथित वकीलों के बच्चे नहीं है? क्या उन्हें बच्चों से संवेदनाएं नहीं है?’

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