अपराधी नहीं गायों के पीछे लगी है योगी की ‘एनकाउंटर पुलिस’, जानें पूरा मामला

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देश में गायों को लेकर राजनीति होना अब एक आम बात सी हो गई है। फिर चाहे मामला किसी राज्य सरकार का हो या फिर किसी बड़े नेता द्वारा इस पर बयान दिया जाना, गायों की अकसर चर्चा होती रहती है। अब हाल ही की बात करें तो उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के फैसले के बाद शहरों में बेसहारा गायों के मानों दिन ही फिर गए हैं। अमेठी में डीएम और एसपी को गायों की तलाश में सड़कों पर दौड़ते हुए देखा गया है। आलम कुछ ऐसा है कि गायों की धरपकड़ के लिए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। आपको बता दें कि योगी सरकार ने सूबे के सभी जिलाधिकारियों को 10 जनवरी तक बेसहारा घूम रही गायों और बैलों को पकड़ उनके सुरक्षित इंतजाम का लक्ष्य दिया है।

योगी के इस नए फैसले से ही शहर की गायों ने पुलिस वालों और अन्य विभागों के कर्मचारियों को खूब दौड़ा रखा है। पुलिस की काफी कोशिशों के बाद कामयाबी भी हाथ लगी और कुछ पशुओं को पकड़ा भी गया। वहीं डीएम और एसपी ने अपनी मौजूदगी में ही पकड़ी गई गायों को वाहनों में डालने का काम पूरा किया है। इस पर अमेठी की डीएम शंकुतला गौतम का कहना है कि, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और पशु विभाग की संयुक्त टीम ने जो सड़कों पर पशुपालकों द्वारा बेसहारा पशु छोड़ दिए गए थे, उन्हें पकड़ कर गोशाला में भेजा गया है।

वहीं दूसरी तरफ अलीगढ़ जिला में पुलिस वालों ने खुद से ही गाय को गोद लेने का कदम उठाया है। सड़कों पर घूम रही गायों को पकड़कर थाने लाया गया, इतना ही नहीं जिले के लेखपाल ने एक दिन की अपनी आय भी गाय फंड में दी है। अलीगढ़ के डीएम दूसरे कर्मचारियों से भी ऐसा ही करने की अपील कर रहे हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में इन दिनों अफसरों की टीम गायों को पकड़ने में लगी हुई है। हालांकि पशु मालिकों पर भी नकेल कसने की तैयारी की जा रही है। पशु मालिकों को नोटिस भी जारी किया जा रहा है, उनसे पशुओं को अपने घर पर ही रखने को कहा गया है।

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