जानिए.. क्या है शारदा चिटफंड घोटाला और कैसे जाल में फंसे लोग, पढ़िए पूरी ख़बर

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शारदा घोटाला पश्चिम बंगाल में 2013 में सामने आया था। बताया जा रहा है कि ये घोटाला कथित तौर पर तीन हजार करोड़ का है। आरोप है कि शारदा ग्रुप की कंपनियों ने गलत तरीके से निवेशकों के पैसे जुटाए और उन्हें वापस नहीं किया। घोटाले के खुलासे के बाद जब एजेंटों से निवेशकों ने पैसे मांगने शुरू किए तो कई एजेंटों ने अपनी जान दे दी थी। इस घोटाले को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार पर सवाल उठे थे।

बता दें कि शारदा समूह द्वारा 10 लाख से अधिक निवेशकों को ठगने का अनुमान है। इस घोटाले से 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने की संभावना है। अप्रैल में बालासोर और ओडिशा में सैकड़ों निवेशकों ने समूह पर आरोप लगाया था कि उच्च लाभ का वादा कर उनसे पैसे लिए गए थे। जिसे बाद में पूरा नहीं किया गया। इसके बाद ओडिशा में इस मामले की जांच शुरू हुई थी।

वहीं, शारदा समूह की पूर्व कर्मचारी ने शारदा के प्रमोटर सुदीप्त के खिलाफ वेतन भुगतान नहीं करने का मामला दायर किया था। मामले में सुदीप्त बाद में गिरफ्तार हुए। सुदीप्त और उसके कई सहयोगी अभी भी जेल में बंद हैं। घोटाले में संलिप्तता के कारण तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

बता दें कि हाल ही में रविवार को CBI की एक टीम कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ के लिए उनके घर पर गई थी। लेकिन कोलकाता पुलिस ने CBI की एक टीम को ही हिरासत में ले लिया था। हांलाकि, थोड़ी देर बाद ही हिरासत में लिए गए CBI के अधिकारियों को छोड़ दिया गया था। मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरने पर बैठ गई थीं। हांलाकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले को लेकर CBI से कोलकाता के पुलिस कमिश्नर के खिलाफ पुख्ता सबूत लाने को कहा है। मामले की सुनवाई सोमवार को होगी।

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